मानसून पौधरोपण अभियान
बरसात के साथ इस वर्ष का पौधरोपण शुरू होगा। स्कूल, पंचायत और स्वयंसेवक मिलकर स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाएँगे।
विवरण ›स्वैच्छिक संस्था · चम्बा, हिमाचल प्रदेश
प्रकृति रक्षक हिमाचल प्रदेश के चम्बा क्षेत्र से शुरू हुई एक स्वैच्छिक संस्था है। हम पहाड़ों, नदियों और जंगलों की रक्षा के लिए काम करते हैं — पौधे लगाकर, सूखते जल स्रोतों को फिर से जीवित करके, गाँवों को कचरा-मुक्त बनाकर, और उन हाथों को रोज़गार से जोड़कर जो सदियों से इस धरती के साथ जीना जानते हैं।
हमारा काम किसी दफ़्तर से नहीं, गाँव की पगडंडियों से चलता है। हर अभियान में स्थानीय लोग, विद्यार्थी, शिक्षक, किसान और कारीगर साथ खड़े होते हैं।
हम कौन हैं
प्रकृति रक्षक की शुरुआत कुछ ऐसे लोगों से हुई जिन्होंने अपने ही इलाक़े में बदलाव देखा — बरसात कम होती गई, चश्मे सूखते गए, जंगल की ज़मीन कचरे से भरती गई और गाँव के नौजवान काम की तलाश में शहर चले गए। सवाल सीधा था: अगर हम अपनी धरती की चिंता नहीं करेंगे, तो कौन करेगा?
आज संस्था का काम तीन बातों पर टिका है — प्रकृति का संरक्षण, समाज की सेवा और नागरिक दायित्व। हमारे लिए पेड़ लगाना और बच्चों को पढ़ाना दो अलग काम नहीं हैं; दोनों एक ही भविष्य की तैयारी हैं।
हम बड़े वादे नहीं करते। हम छोटे, टिकाऊ और स्थानीय काम करते हैं — एक जल स्रोत, एक स्कूल, एक पंचायत, एक परिवार के साथ शुरू करके।
Prakriti Rakshak is a volunteer-run organisation based in Chamba, Himachal Pradesh. We work with village communities, schools and local artisans on:
Everything we do is planned with the community, not for it.
हमारे कार्य क्षेत्र
हर कार्यक्रम स्थानीय ज़रूरत से निकलता है और स्थानीय लोगों के हाथों ही चलता है।
पौधरोपण, जंगल की देखभाल, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और कचरा-मुक्त गाँव अभियान।
विस्तार से पढ़ें ›युवाओं और महिलाओं के लिए प्रशिक्षण, पारंपरिक शिल्प को बाज़ार से जोड़ने का काम।
विस्तार से पढ़ें ›गाँव के बच्चों के लिए पढ़ाई में सहयोग, पुस्तकालय और प्रकृति शिक्षा।
विस्तार से पढ़ें ›स्वयं सहायता समूह, स्वास्थ्य जागरूकता और आत्मनिर्भरता के अवसर।
विस्तार से पढ़ें ›अकेले रह रहे बुज़ुर्गों तक सहायता, स्वास्थ्य शिविर और सम्मान।
विस्तार से पढ़ें ›अधिकार और कर्तव्य की समझ, स्वच्छता और नागरिक भागीदारी।
विस्तार से पढ़ें ›यही वाक्य हमारे चिह्न पर लिखा है और यही हमारे हर काम की कसौटी है। जो धरती हमें साँस देती है, उसकी रक्षा करना दान नहीं — कर्तव्य है।
आप कैसे जुड़ सकते हैं
प्रकृति रक्षक का कोई भी काम बाहर से नहीं आता — वह किसी न किसी नागरिक के जुड़ने से शुरू होता है। नीचे दिए चार में से कोई भी रास्ता चुनिए।
महीने में कुछ घंटे दीजिए — पौधरोपण, सफ़ाई अभियान, बच्चों की पढ़ाई या शिविर के आयोजन में। कोई अनुभव ज़रूरी नहीं, बस समय और नीयत चाहिए।
Give a few hours a month at plantation drives, clean-ups, classes or camps.
स्वयंसेवक फ़ॉर्म भरें ›अपने गाँव, मोहल्ले या कॉलेज में संस्था के काम की अगुवाई कीजिए। दूत अपने क्षेत्र में अभियान चलाते हैं और नए साथी जोड़ते हैं।
Lead our work in your own village, ward or campus as a Nation Building Ambassador.
दूत कार्यक्रम देखें ›एक जल स्रोत, एक स्कूल या एक जंगल की देखभाल की ज़िम्मेदारी लीजिए — अकेले, परिवार के साथ या अपनी संस्था की ओर से।
Adopt one spring, one school or one patch of forest and see it through.
चल रहे अभियान ›पौधे, किताबें, दवाइयाँ, प्रशिक्षण सामग्री — हर सहयोग सीधे ज़मीन पर पहुँचता है। खर्च का ब्योरा रिपोर्ट पृष्ठ पर सार्वजनिक रहता है।
Support in cash or kind. Every rupee is accounted for on our transparency page.
सहयोग करने के तरीक़े ›जुड़ने के लिए किसी शुल्क या पद की ज़रूरत नहीं। ये पाँच बातें आज से निभाइए — आप हमारे साथी हैं।
*आँकड़े अद्यतन किए जा रहे हैं · Figures are being verified and will be updated with the annual report.
आजीविका से जुड़ा हमारा प्रयास
चम्बा की कढ़ाई, हाथ से बना काग़ज़, बाँस और ऊन का काम — यह हुनर हमारे इलाक़े की सबसे बड़ी पूँजी है, पर इसे बाज़ार कम ही मिलता है। प्रकृति हैंडमेड के ज़रिए हम कारीगरों को प्रशिक्षण, कच्चा माल और ख़रीदार से सीधा जुड़ाव देते हैं।
हर उत्पाद प्राकृतिक सामग्री से बनता है और उसकी कमाई का हिस्सा उसी गाँव के काम में वापस लगता है। ख़रीदना भी यहाँ एक तरह का सहयोग है।
समाचार एवं आगामी अभियान
बरसात के साथ इस वर्ष का पौधरोपण शुरू होगा। स्कूल, पंचायत और स्वयंसेवक मिलकर स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाएँगे।
विवरण ›गाँवों के पुराने चश्मों और बावड़ियों की सफ़ाई तथा मरम्मत का काम स्थानीय समितियों के साथ जारी है।
विवरण ›नए सत्र के लिए स्वयंसेवक पंजीकरण शुरू है। विद्यार्थी और सेवानिवृत्त नागरिक विशेष रूप से आमंत्रित हैं।
पंजीकरण ›
संस्थापक की ओर से
संस्थापक एवं अध्यक्ष · Founder & Chairperson
प्रकृति रक्षक की शुरुआत एक साधारण से सवाल से हुई थी — जो धरती हमें सब कुछ देती है, हम उसे लौटा क्या रहे हैं? यही सवाल आज भी हमारे हर काम की पहली कसौटी है।
हम बड़े दावे नहीं करते। हमारा भरोसा उन नागरिकों पर है जो अपने गाँव, अपने मोहल्ले और अपने घर से शुरुआत करते हैं। आप भी इस प्रयास में साथ आइए — पहला कदम आपकी प्रतीक्षा कर रहा है।
“Our work begins with one question — what are we giving back to the earth that gives us everything?”
वीणा सिंह
चाहे समय दीजिए, हुनर दीजिए या सहयोग — हर योगदान सीधे ज़मीन पर काम आता है।