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हमारे बारे मेंAbout Us
प्रकृतिमातुः रक्षणं परमौ धर्मः
Prakriti Rakshak
Under Trust Act 1882 GOVT. Of India
Office (Delhi) : Khasra No. 63, Above PKG, Near Anupama Apartment, Gate No. 4, IGNOU Road,
New Delhi – 110030 Email Id-: pprakritirakshak@gmail.com Phone No-:9882802013
🇮🇳 मेरा राष्ट्र • मेरी जिम्मेदारी
स्वयंसेवक सेवा-संहिता एवं आचार-संहिता मार्गदर्शिका
1. स्वागत एवं उद्देश्य
प्रिय सदस्य/स्वयंसेवक,
🇮🇳 प्रकृति रक्षक संगठन में आपका हार्दिक स्वागत है।
यह स्वयंसेवक सेवा-संहिता एवं मार्गदर्शिका संगठन के प्रत्येक सदस्य, स्वयंसेवक, कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी के लिए कर्तव्य, आचरण, सेवा, अनुशासन और नागरिक जिम्मेदारी की मार्गदर्शिका है।
संगठन से जुड़ना केवल पहचान-पत्र प्राप्त करना अथवा किसी पद का हिस्सा बनना नहीं है। यह सेवा, जिम्मेदारी, अनुशासन, मानव सम्मान, सामाजिक सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण और कानून के पालन का संकल्प है।
हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति, संस्था या विभाग को नीचा दिखाना, विवाद बढ़ाना अथवा अनुचित दबाव बनाना नहीं है। हमारा उद्देश्य भारतीय संविधान, लागू कानूनों और संगठन के governing documents एवं नियमों के दायरे में रहकर जनहित में सकारात्मक समाधान में सहयोग करना है।
हमारा विश्वास है—
“एक जागरूक नागरिक स्वयं एक शक्ति है और जिम्मेदार नागरिकों का संगठित प्रयास समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।”
2. हमारा मूल सिद्धांत
🇮🇳 “सबसे पहले अपना कर्तव्य।”
आज समाज में कई बार हम दूसरों की कमियाँ खोजने और उन्हें बताने में अधिक समय लगा देते हैं। इससे आपसी विश्वास, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव कमजोर हो सकता है।
हमारा मानना है कि सच्चा सामाजिक परिवर्तन दूसरों को बदलने से पहले स्वयं को देखने से शुरू होता है।
इसलिए प्रत्येक स्वयंसेवक पहले स्वयं से पूछेगा—
- मैं स्वयं क्या कर रहा हूँ?
- मेरी जिम्मेदारी क्या है?
- मेरी जिम्मेदारी कहाँ तक है?
- दूसरे व्यक्ति का अधिकार और दायित्व कहाँ से शुरू होता है?
- क्या मैं स्वयं वही उदाहरण प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसकी अपेक्षा दूसरों से करता हूँ?
हम पहले अपने आचरण में सुधार करेंगे, अपना कर्तव्य निभाएँगे और उसके बाद समाज की समस्याओं के समाधान में सकारात्मक सहयोग करेंगे।
हमारा जीवन सूत्र
पहले स्वयं को देखें → स्वयं में सुधार करें → अपना कर्तव्य निभाएँ → दूसरों के अधिकारों का सम्मान करें → समाधान में सहयोग करें → समाज को मजबूत बनाएँ।
3. शिकायत नहीं, समाधान की संस्कृति
हमारा उद्देश्य किसी की कमी निकालना नहीं, बल्कि कमी को सुधारने में सहयोग करना है।
किसी समस्या को देखकर हम केवल यह नहीं पूछेंगे—
“गलती किसकी है?” बल्कि पहले पूछेंगे—
“समाधान में मेरी जिम्मेदारी क्या है?”
जहाँ हमारी जिम्मेदारी होगी, वहाँ हम स्वयं आगे बढ़कर कार्य करेंगे।
जहाँ किसी व्यक्ति, संस्था या सरकारी विभाग की वैधानिक जिम्मेदारी होगी, वहाँ हम सम्मानपूर्वक, तथ्यात्मक और उचित माध्यम से विषय संबंधित व्यक्ति अथवा सक्षम प्राधिकारी के सामने रखेंगे।
हम—
- कानून अपने हाथ में नहीं लेंगे।
- किसी व्यक्ति का अपमान नहीं करेंगे।
- बिना तथ्य किसी पर आरोप नहीं लगाएंगे।
- विवाद को बढ़ाने के बजाय समाधान का मार्ग खोजेंगे।
- किसी व्यक्ति को केवल आरोप के आधार पर दोषी नहीं मानेंगे।
हमारा संदेश “आरोप नहीं – तथ्य। ” “विरोध नहीं – संवाद।” “समस्या नहीं – समाधान।”
4. भाईचारा एवं सामाजिक सद्भाव
हमारा समाज तभी मजबूत होगा जब हम एक-दूसरे की कमियाँ खोजने के बजाय एक-दूसरे की अच्छाइयों को पहचानेंगे, सम्मान देंगे और सुधार में सहयोग करेंगे।
हमारा प्रयास होगा– नफरत के स्थान पर संवाद। आरोप के स्थान पर तथ्य। विरोध के स्थान पर समाधान। स्वार्थ के स्थान पर सेवा। भेदभाव के स्थान पर समान सम्मान।
हम किसी व्यक्ति की एक गलती को उसकी पूरी पहचान नहीं मानेंगे।
जहाँ सुधार की संभावना होगी, वहाँ सम्मानपूर्वक सुधार का अवसर और सहयोग देने का प्रयास करेंगे।
5. मानवाधिकार, मेरे अधिकार और मेरी जिम्मेदारी
हम अपने अधिकारों को जानेंगे, लेकिन अपने कर्तव्यों को भी उतनी ही गंभीरता से निभाएँगे।
हम समझेंगे– “मेरे अधिकार के साथ दूसरे व्यक्ति के अधिकार का सम्मान भी मेरी जिम्मेदारी है।”
हम अपनी स्वतंत्रता का उपयोग किसी अन्य व्यक्ति के सम्मान, अधिकार, स्वतंत्रता या गरिमा को नुकसान पहुँचाने के लिए नहीं करेंगे।
हम प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा, समान सम्मान और मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशील रहेंगे।
हमारा सिद्धांत
अधिकार + कर्तव्य + सम्मान = जिम्मेदार नागरिकता
6. राष्ट्र निर्माण की शुरुआत स्वयं से
यदि हमें स्वच्छ समाज चाहिए, तो हम स्वयं स्वच्छता से शुरुआत करेंगे।
यदि हमें ईमानदार समाज चाहिए, तो हम स्वयं ईमानदारी अपनाएँगे।
यदि हमें अनुशासन चाहिए, तो हम स्वयं अनुशासित रहेंगे।
यदि हमें सम्मान चाहिए, तो हम दूसरों का सम्मान करेंगे।
यदि हमें भाईचारा चाहिए, तो हम स्वयं भाईचारे की शुरुआत करेंगे।
यदि हमें भ्रष्टाचार-मुक्त समाज चाहिए, तो हम स्वयं अनैतिक लाभ से दूर रहेंगे।
हमारा विश्वास
“समाज परिवर्तन की पहली इकाई – मैं स्वयं हूँ।”
7. प्रकृति रक्षक संगठन के प्रमुख सेवा क्षेत्र
संगठन के सदस्य एवं स्वयंसेवक लागू कानूनों एवं संगठन के नियमों के दायरे में निम्न क्षेत्रों में सहयोग करेंगे–
🤝 मानव सेवा
गरीब, जरूरतमंद, बुजुर्ग, महिला, बच्चे, दिव्यांग एवं अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों को उपलब्ध उचित सहायता और सेवाओं तक पहुँचने में सहयोग।
📚 नागरिक जागरूकता
नागरिकों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों, उपलब्ध सरकारी योजनाओं और वैध सहायता प्रणालियों की जानकारी देना।
🌳 पर्यावरण संरक्षण
स्वच्छता, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्लास्टिक नियंत्रण, प्राकृतिक संसाधनों और सार्वजनिक स्थानों की रक्षा के लिए जागरूकता एवं सहयोग।
👨👩👧👦 सामाजिक सुधार
शिक्षा, महिला सम्मान, बाल सुरक्षा, नशा-मुक्ति, सामाजिक सद्भाव और नागरिक जिम्मेदारी के लिए कार्य।
🇮🇳 राष्ट्र निर्माण
संविधान, कानून, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और जिम्मेदार नागरिकता की भावना को मजबूत करना।
8. स्वयंसेवक की सबसे बड़ी ड्यूटी
“समस्या नहीं, समाधान बनें।” प्रत्येक स्वयंसेवक का मूल कार्य है–
देखना → समझना → सुरक्षित सहायता करना → सही स्थान तक पहुँचाना → समाधान में सहयोग करना।
स्वयंसेवक स्वयं न्याय करने के बजाय नागरिक को उचित एवं वैध सहायता या सक्षम प्राधिकारी तक पहुँचने में सहयोग करेगा।
9. प्रत्येक सदस्य एवं स्वयंसेवक की मुख्य जिम्मेदारियाँ
प्रत्येक सदस्य/स्वयंसेवक/कार्यकर्ता/पदाधिकारी–
- जरूरतमंद व्यक्ति की सम्मानपूर्वक सहायता करेगा।
- सत्य एवं तथ्य का सम्मान करेगा।
- अफवाह या अपुष्ट सूचना नहीं फैलाएगा।
- संविधान और लागू कानूनों का पालन करेगा।
- पुलिस एवं प्रशासन का वैधानिक सहयोग करेगा।
- महिलाओं एवं बच्चों के सम्मान और सुरक्षा के प्रति संवेदनशील रहेगा।
- बुजुर्ग एवं दिव्यांग व्यक्तियों की सहायता करेगा।
- पर्यावरण एवं सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा के लिए जागरूकता फैलाएगा।
- जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र, लिंग राजनीति अथवा आर्थिक स्थिति के आधार पर भेदभाव नहीं करेगा।
- संगठन की प्रतिष्ठा एवं जनता के विश्वास को बनाए रखेगा।
- समस्या के समाधान के लिए वैध, शांतिपूर्ण और तथ्यात्मक मार्ग अपनाएगा।
- संगठन की पहचान, नाम, लोगो और संसाधनों का दुरुपयोग नहीं करेगा।
10. नागरिक सुरक्षा एवं पुलिस-प्रशासन सहयोग
प्रकृति रक्षक संगठन का सदस्य पुलिस या सरकारी अधिकारी नहीं है।
वह जिम्मेदार नागरिक के रूप में पुलिस एवं प्रशासन का वैधानिक सहयोग करेगा।
यदि किसी स्वयंसेवक को संदिग्ध गतिविधि, संदिग्ध वस्तु, गंभीर अपराध अथवा सार्वजनिक सुरक्षा से संबंधित कोई जानकारी मिलती है, तो वह–
अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा → तथ्य समझेगा → उचित सक्षम प्राधिकारी को सूचना देगा → आवश्यक वैध सहायता करेगा।
स्वयंसेवक–
- स्वयं जांच नहीं करेगा।
- स्वयं गिरफ्तारी नहीं करेगा।
- स्वयं तलाशी नहीं लेगा।
- पूछताछ के नाम पर दबाव नहीं बनाएगा।
- दंड नहीं देगा।
- बल प्रयोग नहीं करेगा।
- किसी व्यक्ति को स्वयं अपराधी घोषित नहीं करेगा।
हमारा सिद्धांत
“सतर्क नागरिक बनें, कानून अपने हाथ में न लें।”
11. प्रकृति रक्षक संगठन एक सामाजिक/गैर-सरकारी संगठन है।
संगठन का कोई सदस्य केवल ID कार्ड, पद, वर्दी, बैज अथवा संगठन के नाम के आधार पर—
● पुलिस, ● प्रशासन, ● न्यायालय, ● सरकारी विभाग
या किसी अन्य वैधानिक प्राधिकरण की शक्ति का प्रयोग नहीं कर सकता।
स्पष्ट संदेश
“हम सरकार के स्थान पर नहीं, कानून के दायरे में जिम्मेदार नागरिकों के रूप में समाज और प्रशासन के सहयोगी हैं।”
12. समाज के अनुभवी व्यक्तियों का मार्गदर्शन
अभियान की गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी एवं सेवानिवृत्त विशेषज्ञ स्वेच्छा से संगठन से जोड़े जा रहे हैं।
इनमें– ● पूर्व सैनिक (Ex-Servicemen) ● पूर्व अर्द्धसैनिक बल के सदस्य ● शिक्षक ● चिकित्सक ● अधिवक्ता ● अभियंता ● चार्टर्ड अकाउंटेंट ● पूर्व प्रशासनिक अधिकारी ● राजस्व/स्थानीय प्रशासन के अनुभवी व्यक्ति ● कृषि विशेषज्ञ ● सामाजिक कार्यकर्ता ● पर्यावरण विशेषज्ञ ● आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ ● अन्य अनुभवी नागरिक शामिल किए जा रहे हैं।
ऐसे व्यक्ति मार्गदर्शक, प्रशिक्षक, सलाहकार अथवा संरक्षक (Mentor/Advisor/Patron) के रूप में स्वैच्छिक सहयोग दे सकते हैं।
उनका अनुभव एवं ज्ञान स्वयंसेवकों को बेहतर नागरिक सेवा, अनुशासन, नेतृत्व और जनहित कार्यों के लिए प्रशिक्षित करने में सहायक होगा।
महत्वपूर्ण प्रावधान
ऐसे विशेषज्ञ अपनी व्यक्तिगत क्षमता में स्वैच्छिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
उनके संगठन से जुड़ने मात्र से उन्हें किसी सरकारी विभाग का प्रतिनिधि अथवा कोई सरकारी अधिकार प्राप्त नहीं होगा।
13. सोशल मीडिया आचार-संहिता
प्रत्येक सदस्य—
- अपुष्ट समाचार नहीं फैलाएगा।
- बिना पर्याप्त तथ्य किसी पर आरोप नहीं लगाएगा।
- किसी व्यक्ति की निजी जानकारी अनावश्यक रूप से सार्वजनिक नहीं करेगा।
- भड़काऊ या अपमानजनक सामग्री प्रकाशित नहीं करेगा।
- व्यक्तिगत विचार को संगठन का आधिकारिक बयान नहीं बताएगा।
- फोटो/वीडियो में व्यक्ति की गरिमा एवं निजता का ध्यान रखेगा।
- बच्चों एवं संवेदनशील मामलों में विशेष सावधानी रखेगा।
- संगठन के नाम से कोई आधिकारिक घोषणा केवल अधिकृत प्रक्रिया के अनुसार करेगा।
याद रखें
“एक गलत सूचना वर्षों से बनी विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचा सकती है।”
14. संगठन के नाम, लोगो एवं ID का उपयोग
संगठन का नाम, लोगो, ID कार्ड, पत्र, मुहर, लेटरहेड अथवा अन्य पहचान केवल अधिकृत एवं वैध कार्यों के लिए प्रयोग की जाएगी।
इनका उपयोग—
- व्यक्तिगत लाभ
- नौकरी या ठेके में दबाव
- धन उगाही
- धमकी
- अनुचित प्रभाव
- निजी लाभ
- सरकारी अधिकारी होने का झूठा दावा
करने के लिए नहीं किया जाएगा।
मूल सिद्धांत
“ID जिम्मेदारी देती है, कानूनी शक्ति नहीं।”
15. धन, दान एवं आर्थिक पारदर्शिता
संगठन के नाम पर धन/दान प्राप्त करने के लिए निर्धारित संगठनात्मक प्रक्रिया एवं अधिकृत अनुमति आवश्यक होगी।
प्रत्येक अधिकृत आर्थिक गतिविधि में, जहाँ लागू हो– दान → रसीद → रिकॉर्ड → बैंकिंग → स्वीकृत व्यय → बिल/वाउचर → लेखा → रिपोर्ट की पारदर्शी व्यवस्था अपनाई जाएगी। संगठन का धन और व्यक्तिगत धन अलग रखा जाएगा।
किसी सदस्य द्वारा संगठन के नाम पर निजी लाभ प्राप्त करना गंभीर अनुशासनात्मक विषय होगा।
16. हितों का टकराव
यदि किसी सदस्य का किसी व्यक्ति, संस्था, शिकायत अथवा मामले में व्यक्तिगत या व्यावसायिक हित जुड़ा हो, तो उसे संगठन को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
आवश्यकता होने पर ऐसे व्यक्ति को संबंधित निर्णय या कार्रवाई से अलग रखा जा सकता है।
सिद्धांत “व्यक्तिगत हित से पहले निष्पक्षता और जनहित।”
17. राजनीतिक एवं धार्मिक निष्पक्षता
संगठन की पहचान, लोगो, पद अथवा संसाधनों का उपयोग किसी राजनीतिक दल, उम्मीदवार या निजी राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं किया जाएगा, सिवाय इसके कि संगठन के governing documents और लागू कानून के अनुसार ऐसी गतिविधि स्पष्ट रूप से अनुमत हो।
संगठन सभी नागरिकों के साथ समान सम्मान एवं निष्पक्षता का व्यवहार करेगा।
किसी सदस्य की व्यक्तिगत राजनीतिक या धार्मिक मान्यता को संगठन की आधिकारिक नीति के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाएगा।
18. गोपनीयता एवं मानव गरिमा
नागरिकों द्वारा स्वयंसेवकों को दी गई निजी या संवेदनशील जानकारी का अनावश्यक प्रचार नहीं किया जाएगा।
विशेष रूप से— बच्चों, महिलाओं, पीड़ितों, बुजुर्गों और संवेदनशील मामलों में गोपनीयता एवं गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
व्यक्तिगत जानकारी का उपयोग केवल वैध, आवश्यक और अधिकृत उद्देश्य के लिए किया जाएगा।
19. अनुशासन एवं संगठनात्मक कार्रवाई
किसी सदस्य के विरुद्ध शिकायत मिलने पर संगठन उपलब्ध तथ्यों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मामले की समीक्षा कर सकता है।
आवश्यकतानुसार निम्न संगठनात्मक कार्रवाई की जा सकती है—
- स्पष्टीकरण/कारण बताओ नोटिस
- लिखित चेतावनी
- सुधारात्मक प्रशिक्षण
- जिम्मेदारी से अस्थायी रूप से हटाना
- ID/सदस्यता का निलंबन
- सदस्यता अथवा संगठनात्मक जिम्मेदारी समाप्त करना
गंभीर मामलों में लागू कानून के अनुसार सक्षम प्राधिकारी को सूचना दी जा सकती है।
प्राकृतिक न्याय जहाँ परिस्थितियाँ अनुमति दें, वहाँ— शिकायत → तथ्य → नोटिस → स्पष्टीकरण → निष्पक्ष विचार → निर्णय → रिकॉर्ड के सिद्धांत का पालन किया जाएगा। केवल आरोप के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जाएगा।
20. गंभीर उल्लंघन
निम्न कार्य गंभीर अनुशासनात्मक विषय माने जा सकते हैं—
- संगठन के नाम पर धमकी देना।
- धन/निजी लाभ की अनुचित मांग करना।
- झूठी पहचान या दस्तावेज का प्रयोग करना।
- जानबूझकर झूठी सूचना देना।
- हिंसा या गैर-कानूनी गतिविधि में भाग लेना।
- किसी व्यक्ति का शोषण या उत्पीड़न करना।
- संगठन की ID का दुरुपयोग करना।
- गोपनीय जानकारी का अनुचित उपयोग करना।
- संगठन के नाम पर अनधिकृत राजनीतिक/व्यावसायिक गतिविधि करना।
- संगठन की संपत्ति/धन का दुरुपयोग करना।
- स्वयं को सरकारी अधिकारी बताना।
- संगठन की प्रतिष्ठा को जानबूझकर गंभीर नुकसान पहुँचाना।
21. व्यक्तिगत कानूनी जिम्मेदारी
संगठन की सदस्यता, पद अथवा पहचान-पत्र किसी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं बनाता। यदि कोई सदस्य/स्वयंसेवक/कार्यकर्ता/पदाधिकारी व्यक्तिगत रूप से कोई गैर-कानूनी कार्य करता है, तो उसकी जिम्मेदारी लागू कानून के अनुसार संबंधित व्यक्ति पर निर्धारित हो सकती है।
हमारा स्पष्ट सिद्धांत
“संगठन सेवा का मंच है, कानून से ऊपर होने का माध्यम नहीं।”
यह प्रावधान संगठन की किसी ऐसी कानूनी जिम्मेदारी को समाप्त करने का दावा नहीं करता जो लागू कानून के अंतर्गत संस्था पर अलग से लागू हो सकती है।
22. शिकायत एवं समाधान प्रक्रिया
किसी नागरिक अथवा स्वयंसेवक को संगठन के किसी सदस्य के व्यवहार के संबंध में शिकायत हो तो वह संगठन द्वारा निर्धारित शिकायत माध्यम से शिकायत कर सकता है।
प्रक्रिया शिकायत → तथ्य → सुनवाई → निष्पक्ष विचार → निर्णय → आवश्यक सुधार/कार्रवाई
झूठी अथवा दुर्भावनापूर्ण शिकायतों को भी उचित प्रक्रिया के अनुसार देखा जाएगा। शिकायतकर्ता और संबंधित सदस्य दोनों के सम्मान एवं गोपनीयता का यथासंभव ध्यान रखा जाएगा।
23. स्वयंसेवक का दैनिक सेवा सूत्र
हर स्वयंसेवक प्रतिदिन स्वयं से पाँच प्रश्न पूछे—
① क्या मैंने आज किसी जरूरतमंद की मदद की?
② क्या मैंने आज किसी गलत सूचना को फैलने से रोका?
③ क्या मैंने किसी समस्या को समाधान की दिशा में आगे बढ़ाया?
④ क्या मैंने किसी व्यक्ति के अधिकार और सम्मान का ध्यान रखा?
⑤ क्या मैंने आज अपने राष्ट्र और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई?
24. स्वयंसेवक का चार सूत्रीय मार्ग
🇮🇳 अधिकार जानें अपने संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी प्राप्त करें।
🤝 कर्तव्य निभाएँ। अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक एवं नागरिक जिम्मेदारियाँ निभाएँ।
❤️ सेवा करें जरूरतमंद व्यक्ति, समाज एवं पर्यावरण के लिए अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दें।
💡 समाधान में सहयोग करें
समस्या को बढ़ाने के बजाय उसके वैध, शांतिपूर्ण एवं व्यावहारिक समाधान में सहयोग करें।
25. प्रकृति रक्षक संगठन का महान संकल्प
हम किसी के विरुद्ध नहीं, समाज के हित में कार्य करेंगे।
हम किसी को नीचा दिखाने के लिए नहीं, सुधार और समाधान के लिए कार्य करेंगे।
हम अधिकारों की बात करेंगे, लेकिन कर्तव्यों को नहीं भूलेंगे।
हम व्यक्ति से नहीं, समस्या से संघर्ष करेंगे।
हम विवाद नहीं बढ़ाएँगे, संवाद बढ़ाएँगे।
हम नफरत नहीं फैलाएँगे, सद्भाव बढ़ाएँगे।
हम केवल शिकायतकर्ता नहीं, समाधान में भागीदार बनेंगे।
हम पहले स्वयं को सुधारेंगे और फिर समाज को सुधारने में योगदान देंगे।
26. स्वयंसेवक की प्रतिज्ञा
मैं भारत के संविधान और लागू कानूनों का सम्मान करूँगा।
मैं अपने अधिकारों को जानूँगा और अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता दूँगा।
मैं प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान, गरिमा और अधिकारों का सम्मान करूँगा।
मैं जरूरतमंद व्यक्ति की यथासंभव सहायता करूँगा।
मैं समस्या को बढ़ाने के बजाय उसके वैध समाधान में सहयोग करूँगा।
मैं पुलिस एवं प्रशासन का कानून के दायरे में रहकर सहयोग करूँगा।
मैं संगठन की पहचान, नाम, लोगो एवं संसाधनों का दुरुपयोग नहीं करूँगा।
मैं झूठ, अफवाह, हिंसा, भेदभाव, धमकी और गैर-कानूनी गतिविधियों से दूर रहूँगा।
मैं संगठन की पहचान का उपयोग निजी शक्ति अथवा लाभ के लिए नहीं करूँगा।
मैं अपने आचरण से संगठन, समाज और राष्ट्र के प्रति विश्वास बनाए रखूँगा।
🇮🇳 जय हिन्द।
27. सदस्य/स्वयंसेवक की स्वीकृति
मैंने “प्रकृति रक्षक संगठन – स्वयंसेवक कर्तव्य, नागरिक सेवा एवं आचार-संहिता पुस्तिका” को पढ़ा और समझा है। मैं संगठन के नियमों, अपनी जिम्मेदारियों, अपनी सीमाओं तथा लागू कानूनों का सम्मान करने का संकल्प लेता/लेती हूँ।
मैं समझता/समझती हूँ कि संगठन का पहचान-पत्र मुझे कोई सरकारी, पुलिस या न्यायिक शक्ति प्रदान नहीं करता।
मैं संगठन के नाम, ID, लोगो एवं पद का उपयोग केवल अधिकृत एवं वैध कार्यों के लिए करूँगा/करूँगी।
मैं अपने व्यक्तिगत कार्यों के लिए लागू कानून के अनुसार व्यक्तिगत जिम्मेदारी को समझता/समझती हूँ।
नाम:
सदस्य/वॉलंटियर ID:
मोबाइल:
भूमिका/पद:
हस्ताक्षर:
दिनांक:
संगठन प्रतिनिधि:
हस्ताक्षर एवं मुहर:
🇮🇳 प्रकृति रक्षक संगठन
मानव सेवा • मानवाधिकार जागरूकता • पर्यावरण संरक्षण • सामाजिक जागरूकता • राष्ट्र निर्माण
वसुधैव कुटुम्बकम्।सर्वे भवन्तु सुखिनः
हमारा गौरव वाक्य
“दूसरों की कमी खोजने से पहले स्वयं को देखें; स्वयं में सुधार करें, अपना कर्तव्य निभाएँ, दूसरों के अधिकारों का सम्मान करें और मिलकर समाज का समाधान करें।”